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पिता की मौत के बाद घर पर 2 बच्चों को छोड़ गई मां… UP Police बन गई गार्जियन

उत्तर प्रदेश पुलिस हमेशा से ही अपने कामों को लेकर चर्चा में रहती है। कभी किसी का बेटा बनकर तो कभी किसी का भाई बनकर पुलिस हमारी रक्षा करती हैं। तो वहीं आज तो पुलिस ने सभी का दिल ही जीत लिया। दरअसल, इटावा (Etawah) जिले में पुलिस का बड़ा मानवीय चेहरा देखने को मिला है। जहां बसरेहर क्षेत्र के अमृतपुर गांव के रहने वाले 2 मासूम बच्चों के लिए बसरेहर थाना पुलिस (Basrehar Police Station) अभिभावक की भूमिका अदा कर रही है। इन दोनों मासूमों की मां कहीं चली गई है। दोनों बच्चे अपनी मां की तलाश में थाने पहुंचे। दोनों का दर्द सुनकर पुलिसवालों का दिल पसीज गया।

पिता की मौत के बाद घर पर 2 बच्चों को छोड़ गई मां... UP Police बन गई गार्जियन

आपको बता दें कि, थाना बसरेहर (Thana Basrehar) क्षेत्र के अंतर्गत अमृतपुर गांव के रहने वाले सफीक मोहम्मद की 6 महीने पहले मौत हो गई थी। उसके बाद उसके दोनों बेटों की देखरेख उसकी मां रवीना बेगम कर रही थी, लेकिन कुछ दिन पहले अचानक से रवीना दोनों बच्चों को घर पर छोड़ कर कहीं चली गई। 4 दिन से परेशान दोनों मासूम बच्चे अपनी मां के इंतजार में भूखे थे और मां का घर पर इंतजार करते रहे थे।

मां जब वापस नहीं लौटी तो दोनों बच्चे अपनी बुआ के साथ रोते बिलखते हुए थाने पहुंच गए। उप निरीक्षक नीरज शर्मा (Sub Inspector Neeraj Sharma) से बच्चों ने शिकायत की और अपनी मां को घर पर वापस बुलाने की गुहार लगाई। आपको बता दें इस पूरी घटना को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा (Senior Police Sub Inspector Neeraj Sharma) का दिल पसीज गया। उन्होंने दोनों बच्चों को सबसे पहले भोजन कराया, उसके बाद बाजार ले जाकर उनको नए कपड़े व जूते चप्पल भी दिलवाए। साथ ही दोनों बच्चों को भरोसा दिलाया कि उनकी मां को जल्द ढूंढ कर वापस लाएंगे।

इस पर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इस तरह की परिस्थितियों में निराश्रित बच्चों के लिए पुलिस (Police) हर संभव सहयोग करती है और जो अनाथ बच्चे होते हैं, उनको डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन अधिकारी (District Probation Officer) के माध्यम से चाइल्डलाइन संस्थाओं (Childline Institutions) को सौंप दिया जाता है, जिनकी देखरेख और उनकी परवरिश संस्था के द्वारा की जाती है।

By : News Desk

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