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Lalu Yadav के खिलाफ छापेमारी में CBI का छूटा पसीना, जानिए पूरा मामला

भारत विश्व में शायद एक ऐसा मात्र देश है, जहां वक्त के अनुसार सभी ने अपने अपने हिसाब से देश को लूटा है। फिर चाहे वह मुगल हो या फिर अंग्रेज…या फिर आज के नेता। तो इसी लूट की पम्परा को आगे बढ़ाते हुए, देश के पूर्व रेल मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने जमकर लूट मचाई। लेकिन वो कहते हैं ना पाप का घड़ा सबका भरता है, तो शायद लालू प्रसाद यादव के पाप का घड़ा भर गय़ा है। बता दें कि, भ्रष्टाचार के मामले में RJD सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें फिर बढ़ गईं हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानि कि (CBI) ने शुक्रवार को उनसे जुड़े 17 ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई दिल्ली से लेकर बिहार के अलग-अलग जगहों पर की गई।

Lalu Yadav

दरअसल, यह मामला जमीन से लेकर रेलवे में नौकरी देने से जुड़ा बताया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि, मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-1 की सरकार में लालू यादव रेल मंत्री हुआ करते थे। सीबीआई की टीम ने लालू यादव, उनकी पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी और बेटी मीसा भारती के आवास के साथ बिहार और दिल्ली में भी कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की। इस दौरान सीबीआई की एक टीम राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड पर भी पहुंची और वहां भी चांच पड़ताल की गई।

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम लालू यादव, उनकी बेटी मीसा के अलावा अन्य रिश्तेदारों के यहां पड़ताल कर रही है। चारा घोटाला में RJD नेता को जमानत मिलने के कुछ हफ्ते बाद ही यह मामला सामने आया है। गौरतलब है कि अप्रैल 2022 में झारखंड हाई कोर्ट ने लालू यादव को 10 लाख रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी थी।

लालू की तरफ से डोरंडा कोषागार में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। अपनी बढ़ती उम्र और 17 प्रकार की बीमारी के अलावा आधी सजा जेल में काटने का हवाला देते हुए लालू ने जमानत मांगी थी। और वहीं, सीबीआई ने जमानत का विरोध करते हुए कहा था कि डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़े मामले में लालू की आधी सजा अभी पूरी नहीं हुई है तो ऐसे में उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए।

By : News Desk

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