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Azam Khan की बढ़ी मुश्किलें… जमानत पर SC ने फैसला रखा सुरक्षित

आजम खान (Azam Khan) की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आदेश सुरक्षित रख लिया है। पिछले हफ्ते कोर्ट ने कहा था कि, आजम को एक मामले में बेल मिलते ही नया केस दर्ज हो जाता है। इसके जवाब में यूपी सरकार ने कहा कि आजम खान आदतन अपराधी (Habitual Offender) और भू-माफिया (Land Mafia) है। आजम के वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस तरह किसी को लगातार जेल में रखना क्रूरता है।

Azam Khan

आपको बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में यूपी सरकार की ओर से पेश हुए असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल राजू (Assistant Solicitor General Raju) ने आजम खान को जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आजम खान ने ये बयान दिया था कि जिस एसडीएम (SDM) ने मेरे खिलाफ मुकदमे लिखवाए, उसको मैं देख लूंगा। मेरी सरकार आने दो बस। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि आप ऐसा नहीं कर सकते राजू।

बेल अलग मामला है और इसके बाद जेल अलग मामला। कोर्ट (Court) ने ये भी पूछा कि क्या उन मामलों में जमानत दी गई थी? इस सवाल पर असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि हां, लेकिन वह आदतन अपराधी है। जमानत नहीं दिए जाने का ये एक आधार है।

असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल (Assistant Solicitor General) ने ये आरोप भी लगाया कि आजम खान ने पूछताछ करने गए जांच अधिकारी को भी धमकी दी थी। आजम खान (Aajam Khan) की ओर से पेश हुए वकील कपिल सिब्बल (Advocate Kapil Sibal) ने कहा कि इस मामले में एक ही शिकायतकर्ता ने पूरक शिकायत की है।

आगे की जांच के लिए कोर्ट की ओर से मंजूरी नहीं दी गई है। वे खुद ही जांच कर रहे हैं जबकि ये केस 13 साल बाद दर्ज हुआ है। ये क्या हो रहा है? आजम खान (Aajam Khan) के वकील ने ये भी कहा कि हम स्कूल नहीं चलाते। हमने कुछ भी नहीं किया है।

दरअसल, एक पत्र है जिससे साफ है कि याचिकाकर्ता की हिरासत एक रबर स्टांप के लिए जरूरी है। वै बगैर बयान दर्ज किए रिकवरी कैसे कर सकते हैं। अब वे यहां आकर कह रहे हैं कि उनको धमकी दी गई। कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने कहा कि इसका ये मतलब नहीं कि राज्य सरकार (State Govt.) अपनी मनमानी और बर्बरता करेगी।

कपिल सिब्बल ने आजम खान की ओर से ये भी कहा कि एफआईआर (FIR) तब दर्ज की गई जब जेल में था। जमानत के लिए यहां आया हूं। वे मुझे गिरफ्तार करने के लिए फिर से मेरे खिलाफ कुछ और मामला दर्ज कर सकते हैं लेकिन मामले दर्ज करना जारी नहीं रख सकते।

आजम खान (Aajam Khan) को किसी भी तरह की राहत का विरोध करते हुए असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल (Assistant Solicitor General) ने कहा कि करीब 19 मामले दर्ज है। उनकी ओर से ये याचिका केवल सहानुभूति के लिए दायर की गई है। वे भूमाफिया है। नया मामला फर्जी दस्तावेज से स्कूल को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कराने का है।

केस दर्ज कराने वाले अधिकारी को धमकाने का भी मामला है। दोनों पक्षों की ओर से जिरह पूरी हो गई है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आजम खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते आजम खान (Aajam Khan) को जमानत मिलते ही एक नया मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिए जाने को लेकर सवाल उठाए थे।

By : News Desk

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