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लगातार राजस्थान में ही क्यों हो रही सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं…

चुनाव नज़दीक आते ही राजस्थान में तनाव बढ़ता जा रहा है। रजवाड़ों के धरती कहे जाने वाली राजस्थान में बैक-टू-बैक कई हिंसक और सांप्रदायिक हिंसे हुए… अब राजस्थान, राजस्थान नहीं, बल्कि कश्मीर बनता जा रहा है। भरतपुर, राजगढ़, अजमेर-नसीराबाद, करौली, जोधपुर और अब भीलवाड़ा सांप्रदायिक हिंसा की आग में जल रहा है। राजस्थान में ऐसा क्यों हो रहा है। हफ़्ते में लगभग 3 दिन राजस्थान के किसी ना किसी इलाक़े से हिंसक झड़प, तनाव और इंटरनेट बंद होने की खबरे सामने आती हैं।

राजस्थान हिंसा

आपको बता दें कि, भीलवाड़ा शहर के कोतवाली थाना इलाक़े में जो कुछ भी हुआ, वो राजस्थान की गहलोत सरकार की पोल खोल रही है। दरअसल, भीलवाड़ा में देर रात शास्त्रीनगर इलाक़े में कथित रूप से दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने 22 साल के आदर्श तापड़िया पर चाकूओं से हमला बोल दिया।

बताया जाता है लहुलूहान हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की हत्या की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के कई कार्यक ता समेत बड़ी संख्या में लोग अस्पताल में जमा हो गए। वहीं अनहोनी की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने 24 घंटे के लिए भीलवाड़ा शहर में इंटरनेट बंद के आदेश जारी किए हैं।

क्यों जल रहा है राजस्थान

राजस्थान क्यों जल रहा है… क्या राजनेताओें को इसमें राजनीति की रोटी सेंकनी है। क्या जलते राजस्थान में राजनेताओें को चुनाव को साधना है। क्या गहलोत सरकार और उनके सफ़ेदपोश बंदे जलते राजस्थान को इसी तरह जलते रहना देना चाहते हैं। ये कोई पहला मौक़ा नहीं था। इससे पहले भी कई मामले सामने आए।

जोधपुर में ईद के मौक़े पर झंडे लगाने को लेकर दो समुदायों का भिड़ंत, भरतपुर में सिख और मुस्लिम समुदाय के लोगों का डीजे बजाने को लेकर हिंसक झड़प का होना, करौली में रामनवमी पर शोभायात्रा पर पथराव के बाद दो समुदायों का टकराव और पथराव, उसके बाद अजमेर-नसीराबाद में शादी के दौरान झगड़ा। फिर राजगढ़ में अतिक्रमण हटाने के दौरान मंदिर गिराने से तनाव और अब भीलवाड़ा की घटना।

इस सभी घटनाओं का ज़िक्र एक साथ किया जाए , तो ये सरकार पर तमाचा पड़ने जैसा है। क्या राजस्थान की सरकार और उनकी पुलिस क़ानून व्यवस्था का पालन कराने में पूरी तरह नाकाम है। क्या राजस्थान की सरकार की नज़र सिर्फ़ चुनाव पर है। राजस्थान के जादूगर कहे जाने वाले सीएम गहलोत किस जादू को दिखाने का इंतज़ार कर रहे हैं। क्या उनके जादू से सबकुछ शांत हो पाएगा।

By : News Desk

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