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आखिर क्यों! Karkardooma Court ने भेजा Delhi Police Commissioner को नोटिस

राजधानी दिल्ली से खबर है, जहां खजूरी खास में हुई हिंसा के एक मामले में दायर आरोपपत्र में खामियां पकड़े जाने पर जांच अधिकारी (Investigating Officer) ने गलती स्वीकार कर ली हैं। कड़कड़डूमा (Karkardooma) स्थित मुख्य महानगर दंडाधिकारी शिरीष अग्रवाल (Magistrate Shirish Agrawal) ने खजूरी खास एसीपी (ACP) और एसएचओ (SHO) के जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि कैसे और किन परिस्थितियों में खामियां देखे बगैर आरोपपत्र को आगे भेज दिया।

 Delhi Police Commissioner

इस मामले में कोर्ट (Court) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त (Delhi Police Commissioner) को नोटिस जारी कर निर्देश दिया कि, एसीपी(ACP), एसएचओ (SHO) और जांच अधिकारी के जवाब का परीक्षण करें और इनकी कमी पाई जाने पर कार्रवाई की जाए।

तो वहीं अगर एसीपी (ACP) के स्तर पर कमी पाई जाती है तो पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) यह भी जांच करें कि, उत्तर-पूर्वी जिला डीसीपी (North-East District DCP) ने एसीपी (ACP) के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की? बता दें इस मामले में अगली सुनवाई 23 जून को होगी। जिसके अंतर्गत पुलिस आयुक्त की ओर से की गई कार्रवाई के बारे में भी बताना होगा।

इस मामले में महबूब आलम सहित पांच आरोपित हैं। गत 9 फरवरी को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पाया था कि, आरोपपत्र में कई खामियां हैं। साथ में लगाए गए साइट प्लान में घटनास्थल अंकित नहीं है।
इस घटना में तीन शिकायतकर्ताओं की तीन संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। साइट प्लान में इन संपत्तियों को भी नहीं दर्शाया गया है। जानकारी के अनुसार कोर्ट (Court) ने पाया था कि खजूरी खास एसएचओ (Khajuri Khas SHO) के अलावा एसीपी (ACP) खजूरी खास ने भी गौर किए बगैर आरोपपत्र को अग्रसारित कर दिया।

कोर्ट ने यह भी पाया था कि एसीपी ने कोर्ट के लिए इसे 31 दिसंबर 2021 को अग्रसारित किया था, जिसे जांच अधिकारी ने पांच सप्ताह की देरी से दाखिल किया। इन खामियों पर नाराजगी जताते हुए इस कोर्ट ने जांच अधिकारी राजीव कुमार, खजूरी खास एसएचओ राधे श्याम (SHO Radhe Shyam) और तत्कालीन एसीपी राजेश दहिया (ACP Rajesh Dahiya) का स्पष्टीकरण डीसीपी के हस्ताक्षर से मांगा था।

By : News Desk

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