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सऊदी अरब पहुंचे पाकिस्तानी PM Shahbaz Sharif की बंपर बेइज्जती, चोर-चोर’ के नारों से हुआ स्वागत

भारत और पाकिस्तान एक ही मां के दो बेटे हैं। एक को शांति पसंद है और दूसरे को दंगा फसाद। बता दें, समय का पहिया चलता गया और एक बर्बाद होता गया दूसरा आबाद और आज पाकिस्तान की वो स्थिति है कि…भीख मांगने पर भी भीख नहीं मिल रही है। ऐसा हम नहीं बल्कि पाकिस्तान का भूतकाल और वर्तमान काल बयां कर रहा है। बता दें कि, पाकिस्तान के नए आका यानि की नए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपनी पहली तीन दिवसीय विदेश यात्रा पर सऊदी अरब पहुंचे हैंलेकिन यहां उनका स्वागत बड़े अजीबोगरीब तरीके से हो रहा है।

आपको बता दें कि, जैसे ही शहबाज शरीफ मदीना की मस्जिद-ए-नवाबी पहुंचे तो लोगों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाना शुरू कर दिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है। बता दें, वीडियो में सैकड़ों श्रद्धालु पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के मस्जिद में प्रवेश करते ही ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने लगते हैं।

सवाल – लोगों ने क्यों लगाए ‘चोर-चोर’के नारे
जवाब- जब से भारत से पाकिस्तान अलग हुआ है तब से ही ये देश प्रगति की राह को छोड़कर …भारत को परेशान करने की राह को चुना…अगर किसी ने भारत को परेशान किया है…वो मुल्क सिर्फ पाकिस्तान है….और अगर भारत किसी को सबसे ज्यादा माफ किया है…वो पाकिस्तान है।

लेकिन पाकिस्तान इसके बावजूद भी संभलने को तैयार नहीं है और जो साउदी में पाक पीएम के साथ हुआ। शायद वो उनके भूतकाल के कांडों का नतीजा है।

पाकिस्तान मंत्री ने दी सफाई
एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने औरंगजेब के हवाले से कहा, ‘मैं इस पवित्र भूमि पर उस शख्स का नाम नहीं लूंगी क्योंकि मैं इस धरती का इस्तेमाल राजनीति के लिए नहीं करना चाहती। लेकिन उन्होंने समाज को बर्बाद कर दिया है।’

खबरों की मानें तो शहबाज शरीफ केंद्रीय बैंक में जमा राशि तीन अरब डॉलर से बढ़ाकर पांच करने और सऊदी तेल सुविधा को 1.2 अरब डॉलर से 2.4 अरब डॉलर करने का अनुरोध करने के लिए रियाद पहुंचे हैं। ताकि कुल पैकेज बढ़कर 7.4 अरब डॉलर हो जाए। लेकिन ये भी जानना भी दिलचस्प है कि पाकिस्तान सिर्फ और सिर्फ काम के वक्त ही बाकि देशों कि याद आती है वरना इनको आतंकवादी भेजने से कहां ही फुरसत है।

इस बात का इतिहास गवाह है कि भारत ने हमेशा से ही विदेशी नीतियों पर काम किया है, और जब से केंद्र में मोदी सरकार ने देश के किसी मुद्दों पर काम किया हो या ना हो…लेकिन विदेश नीतियों को प्रथिमिक्ता पर रख कर काम किया है, और शायद आज भारत इस स्थिति में है कि वो अपने पड़ोसी देशों की मदद बिना सोचे समझे कर देता है वो तो आपने सुना ही होगा।

By : News Desk

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